शासकीय राजकुमार धीरज सिंह महाविद्यालय उदयपुर में पांच दिवसीय इको-टूरिज्म कार्यशाला का समापन
रामगढ़ की गुफाओं और महेशपुर के पुरातात्विक वैभव से रूबरू हुए विद्यार्थी

उदयपुर, सरगुजा:शासकीय राजकुमार धीरज सिंह महाविद्यालय उदयपुर में आयोजित ‘इको-टूरिज्म’ विषयक पांच दिवसीय कार्यशाला का बुधवार, 11 मार्च को गरिमामय समापन हुआ। कार्यशाला के अंतिम दिन विद्यार्थियों को क्षेत्र के ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व के स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया, जिससे उन्हें किताबी ज्ञान के साथ-साथ जमीनी तथ्यों को समझने का अवसर मिला।
रामगढ़ पर्वत के ऐतिहासिक साक्ष्यों का अवलोकन
भ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने विश्व प्रसिद्ध रामगढ़ पर्वत स्थित सीताबेंगरा, जोगीमारा और हाथी पोल गुफाओं का अवलोकन किया। यहाँ भूगोल और इतिहास के विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं को इन गुफाओं के पुरातात्विक महत्व और इनसे जुड़ी प्राचीन मान्यताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
महेशपुर में देखी गुप्तकालीन स्थापत्य कला
दोपहर के सत्र में दल ने ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल महेशपुर का दौरा किया। यहाँ स्थित प्राचीन शिव मंदिरों के दर्शन के साथ ही विद्यार्थियों ने मंदिर निर्माण की विशेष शैलियों और गुप्तकालीन स्थापत्य कला की बारीकियों को समझा। साथ ही, यहाँ बौद्ध धर्म के विकास से संबंधित महत्वपूर्ण प्रमाणों और ऐतिहासिक लिपि के बारे में भी विस्तार से चर्चा की गई। विद्यार्थियों ने महेशपुर स्थित संग्रहालय में संरक्षित प्राचीन मूर्तियों और ऐतिहासिक धरोहरों को करीब से देखा।
प्रशासनिक उपस्थिति
यह संपूर्ण शैक्षणिक और भौगोलिक पर्यटन कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर वंदना पांडे की अध्यक्षता तथा जनभागीदारी अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ठाकुर के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल समन्वय भूगोल विभाग के सहायक प्राध्यापक मुकेश कुमार रजक द्वारा किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं अधिकारीगण सावित्री सिंह, जेवियर टोप्पो, रवि शंकर मनहर, प्रो. सुमन आर. तिर्की और प्रो. प्रतिमा कुजूर सहित कुल 50 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।