रेत परिवहन पर खनिज विभाग की सख्ती: सरगुजा में प्रधानमंत्री आवास योजना के काम ठप, हितग्राही परेशान
रेत परिवहन पर खनिज विभाग की सख्ती: सरगुजा में प्रधानमंत्री आवास योजना के काम ठप, हितग्राही परेशान

सरगुजा: केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण)’ इन दिनों सरगुजा जिले में संकट के दौर से गुजर रही है। खनिज विभाग द्वारा रेत के अवैध परिवहन पर की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई का सीधा असर अब गरीब परिवारों के आशियानों पर पड़ रहा है। ट्रैक्टरों के माध्यम से होने वाली रेत की सप्लाई बंद होने से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
अधूरे सपनों की बढ़ी चिंता
हर परिवार को पक्की छत देने के संकल्प के साथ शुरू हुई इस योजना के तहत जिले में कई आवास निर्माणाधीन हैं। हितग्राहियों ने कड़ी मशक्कत कर ईंट, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री तो जुटा ली है, लेकिन रेत की उपलब्धता न होने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रेत पहुंचाने वाले ट्रैक्टरों पर खनिज विभाग की लगातार कार्रवाई से अब कोई भी ट्रैक्टर मालिक रेत ढोने को तैयार नहीं है।
स्थानीय खदान न होना बनी बड़ी समस्या
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में एक भी वैध रेत खदान संचालित नहीं है। ऐसे में निर्माण कार्यों के लिए रेत लाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। खनिज विभाग द्वारा बड़े वाहनों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आपूर्ति करने वाले ट्रैक्टरों पर भी सख्ती दिखाई जा रही है, जिससे रेत का परिवहन पूरी तरह बंद हो गया है।
”हमने जैसे-तैसे पैसा जोड़कर सामान इकट्ठा किया था, लेकिन अब रेत नहीं मिल रही है। ट्रैक्टर वाले पकड़े जाने के डर से रेत लाने को तैयार नहीं हैं। हमारा घर आधा अधूरा पड़ा है, अब हम कहाँ जाएं?”
— क्षेत्र के एक प्रभावित हितग्राही
प्रशासन से राहत की गुहार
आवास निर्माण कार्य रुकने से परेशान ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन से बीच का रास्ता निकालने की मांग की है। ग्रामीणों का तर्क है कि एक ओर सरकार आवास पूर्ण करने का दबाव बना रही है, वहीं दूसरी ओर निर्माण के लिए जरूरी बुनियादी सामग्री ‘रेत’ की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रधानमंत्री आवास जैसे जनहित के कार्यों के लिए रेत आपूर्ति की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए ताकि गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना अधूरा न रहे।