सिस्टम की ‘लीकेज’ सानीबर्रा में नल-जल योजना का पाइप फटा, मुख्य मार्ग बना जानलेवा गड्ढा; पंचायत ने फेरा मुंह
सिस्टम की 'लीकेज': सानीबर्रा में नल-जल योजना का पाइप फटा, मुख्य मार्ग बना जानलेवा गड्ढा; पंचायत ने फेरा मुंह!

सानीबर्रा/उदयपुर: सरकार की ‘नल-जल योजना’ का दावा है कि हर घर शुद्ध पानी पहुँचेगा, लेकिन ग्राम पंचायत सानीबर्रा में यह योजना जनता के लिए मुसीबत का सबब बन गई है। सानीबर्रा मेन रोड पर पाइपलाइन फटने से सड़क का एक बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील हो चुका है। आलम यह है कि हजारों लीटर पानी सड़कों पर बहकर बर्बाद हो रहा है, और सड़क अब किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
पंचायत की अनदेखी: शिकायतों के बाद भी मौन
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि मुख्य मार्ग पर यह गंभीर समस्या पैदा हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन ग्राम पंचायत सानीबर्रा के जिम्मेदार पदाधिकारी इस ओर ध्यान देने की जहमत नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बावजूद मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया है। क्या पंचायत किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है?
राहगीरों की जान जोखिम में
मौत का जाल: मेन रोड पर बना यह गड्ढा रात के अंधेरे में दिखाई नहीं देता। दोपहिया वाहन चालक लगातार यहाँ फिसलकर चोटिल हो रहे हैं।
भ्रष्टाचार की बू: पाइपलाइन बिछाने में बरती गई लापरवाही अब सतह पर आ गई है। हल्की सी पाइप फटने से पूरी सड़क धंस गई है, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाती है।
कीचड़ का साम्राज्य: जलभराव के कारण सड़क पर पैदल चलना भी दूभर हो गया है। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का आक्रोश: “सिर्फ कागजों में विकास”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि एक ओर ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर लापरवाही की वजह से कीमती पानी की बर्बादी हो रही है। यदि जल्द ही पाइपलाइन की मरम्मत कर गड्ढे को नहीं भरा गया
“सानीबर्रा की यह तस्वीर जल जीवन मिशन और ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली की पोल खोलती है। करोड़ों के बजट के बाद भी अगर एक पाइप ठीक करने में पंचायत नाकाम है, तो जनता के टैक्स का पैसा कहाँ जा रहा है? जवाबदेही तय होनी चाहिए!”
सानीबर्रा: मेन रोड या मौत का गड्ढा? सोई हुई है पंचायत!
नल-जल योजना का ‘कचरा’: पाइप फटा, सड़क धंसी, सिस्टम फेल!
लापरवाही की हद: सानीबर्रा में बह रहा पानी, जिम्मेदार गायब!