ग्राम पंचायत महंगई के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राहुल जायसवाल का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
ग्राम पंचायत महंगई के वरिष्ठ कांग्रेसी नेता राहुल जायसवाल का आकस्मिक निधन, क्षेत्र में शोक की लहर

महंगई के प्रतिष्ठित नागरिक, पूर्व जिला पंचायत सदस्य तथा कांग्रेस के तेज-तर्रार वरिष्ठ नेता राहुल जायसवाल का गुरुवार की देर रात आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके असामयिक निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। वे काफी लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे।
स्वर्गीय राहुल जायसवाल का अंतिम संस्कार शुक्रवार को अंबिकापुर के शंकर घाट स्थित मुक्तिधाम में किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान जनसैलाब उमड़ पड़ा। सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र के नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
राहुल जायसवाल कांग्रेस पार्टी के एक सक्रिय, लोकप्रिय और तेज-तर्रार नेता के रूप में जाने जाते थे। वे पार्टी के कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे। वे संगठन के भीतर मजबूत पकड़ रखते थे और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व सरगुजा पैलेस के करीबी माने जाते थे। राजनीतिक क्षेत्र में उनके सधे हुए नेतृत्व, बेबाक कार्यशैली और जनहित के मुद्दों पर मुखरता के चलते वे हमेशा चर्चा में रहते थे।
ग्रामीण विकास और जनसमस्याओं के निराकरण में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। महंगई क्षेत्र के विकास कार्यों—सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सामाजिक उत्थान—में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आम नागरिकों की समस्याओं को लेकर वे हमेशा तत्पर और संवेदनशील रहते थे। उनके नेतृत्व में कई विकास कार्यों को गति मिली, जिससे वे जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय बने रहे।
उनके निधन से न केवल कांग्रेस पार्टी, बल्कि पूरे क्षेत्र को भारी क्षति हुई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि राहुल जायसवाल जैसे मिलनसार, जुझारू और सेवाभावी नेतृत्व की भरपाई करना कठिन है।
स्वर्गीय राहुल जायसवाल अपने पीछे दो पुत्र शुभम जायसवाल एवं स्वस्तिक जायसवाल सहित असंख्य शुभचिंतकों और समर्थकों को शोकाकुल छोड़ गए हैं।