उदयपुर बेलढाब में कोयले की भारी मात्रा में अवैध उत्खन वन विभाग मौन
उदयपुर बेलढाब में कोयले की भारी मात्रा में अवैध उत्खन वन विभाग मौन

दीनानाथ यादव / उदयपुर मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम बेलढाब में कोयले की भारी मात्रा में अवैध उत्खन जोरो पर चल रहा है और वन विभाग है कि मौन साधे हुए है, कोयला तस्करी करने वाले गिरोह रोजाना सैकड़ों बोरियां खनन कर के अवैध तरीके से खपा रहे हैं, विदित हो कि उदयपुर मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर दूर चकेरी अडानी मेन रोड में ग्राम बेलढाब बसा हुआ है जहां पर हथफोड नाला बहता है उसी नदी के किनारे भारी मात्रा में कोयला निकलता है जिसको वहां के स्थानीय ग्रामीण,और बाहरी लोग रोजाना सैकड़ों बोरा कोयला खोदाई करते हैं और उसी कोयले को लोकल ईट भट्ठों में,उदयपुर के होटलों में,छोटे बड़े ढाबों के खपाया जाता है, तस्कर इतने बेखौफ होकर कार्य को अंजाम देते है मानो उनको वन विभाग का रत्ती भर भी डर न हो, या यह भी हो सकता है कि विभाग की मिलीभगत से इस कार्य को अंजाम दिया जाता होगा,तभी तो उनके नाक के नीचे से रोजाना दिन दहाड़े भारी मात्रा में अवैध तस्करी हो रहा है और विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौन साधे बैठे है,
वहां के कुछ स्थानीय लोगों से बात करने पर पता चला कि यहां प्रतिदिन कोयले की खुदाई होती है,जिसमें छोटे छोटे नाबालिक बच्चे, और दूर दूर के बाहरी लोग आके खुदाई करते हैं,और मोटर साइकिल से परिवहन करते हैं,ग्रामीणों ने यह भी बताया कि वन विभाग के कोई भी अधिकारी, कर्मचारी देखने तक नहीं आते हैं,
*पूर्व में हो चुकी है अवैध खुदाई करते समय मौत,
कुछ वर्ष पूर्व उसी जगह पे अवैध तरीके से कोयले की खुदाई करते वक्त एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत चुकी है फिर भी विभाग की लापरवाही समझ से परे है, कहीं इसमें विभाग की भी साठ गांठ तो नहीं।
दिन दहाड़े मोटर साइकिल से धड़ल्ले के साथ निकलता है कोयला।
हमारी कवरेज के दौरान देखा गया और ग्रामीणों ने भी बताया कि दिन दहाड़े खुले आम बिना किसी डर के मोटर साइकिलों से तीन तीन बोरियों में भर कर धड़ल्ले से पार किया जाता है, क्या इसकी जानकारी विभाग को नहीं है ?क्या विभाग ये भी नहीं देख पा रही कि उनके नाक के नीचे रोजाना ये तस्करी किया जा रहा है और उनको कोई खबर ही नहीं इसमें साफ साफ वन विभाग की लापरवाही देखी जा सकती है,
विभाग के अधिकारी कभी फील्ड में आते ही नहीं है और न ही कभी जंगल के देख रेख के लिए अधिकारी आते हैं जिससे तस्करों कानोबल काफी बढ़ गया है।