लापरवाही की भेंट चढ़ी नल-जल योजना: सानीबर्रा में पाइप फटने से सड़क बनी तालाब, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर
लापरवाही की भेंट चढ़ी नल-जल योजना: सानीबर्रा में पाइप फटने से सड़क बनी तालाब, राहगीर जान जोखिम में डालने को मजबूर


सानीबर्रा/सरगुजा: शासन की महत्वाकांक्षी ‘नल-जल योजना’ ग्राम पंचायत सानीबर्रा में ठेकेदार की लापरवाही और लचर कार्यप्रणाली के कारण ग्रामीणों के लिए सुविधा के बजाय मुसीबत बन गई है। मुख्य मार्ग के बीचों-बीच पाइपलाइन फटने से हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, जिससे सड़क ने तालाब का रूप ले लिया है। इस जलजराव के कारण आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है और बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।
ठेकेदार की कार्यशैली पर सवाल: ग्रामीणों का आरोप है कि पाइपलाइन बिछाते समय गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। कम गहराई पर और घटिया स्तर की पाइप डालने के कारण आए दिन पाइप फटने की घटनाएं हो रही हैं।
सड़क बनी ‘मौत का जाल’: मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से गड्ढे दिखाई नहीं दे रहे हैं। दोपहिया वाहन चालक और पैदल चलने वाले स्कूली बच्चे आए दिन यहां फिसल कर गिर रहे हैं।
प्रशासनिक मौन: लंबे समय से पानी बहने और सड़क खराब होने के बावजूद विभाग या संबंधित ठेकेदार द्वारा मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
सानीबर्रा के निवासियों का कहना है कि एक ओर सरकार हर घर जल पहुंचाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों की मनमानी से करोड़ों की योजना धरातल पर दम तोड़ रही है। सड़क पर भरे पानी के कारण कीचड़ और गंदगी की समस्या भी बढ़ गई है, जिससे संक्रमण फैलने का डर है।
“ठेकेदार ने काम पूरा करने की औपचारिकता तो पूरी कर दी, लेकिन पाइपलाइन की गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह सड़क का दबाव भी नहीं झेल पा रही है। अगर जल्द ही सड़क मरम्मत और पाइप सुधार नहीं हुआ, तो ग्रामीण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”