
उदयपुर (सरगुजा):
उदयपुर विकासखंड स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में शाखा प्रबंधक (मैनेजर) की अनुपस्थिति के चलते किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अपनी उपज का पैसा निकालने और खरीफ सीजन में खाद-बीज के प्रबंध के लिए बैंक पहुंचे दर्जनों किसानों को दिनभर इंतजार के बाद बिना पैसों के ही खाली हाथ वापस लौटना पड़ा।
मैनेजर के बिना रुका निकासी का काम
बैंक कर्मचारियों व कैशियर के अनुसार, किसानों के खातों से राशि आहरण और निकासी की अंतिम स्वीकृति का अधिकार केवल शाखा प्रबंधक के पास होता है। बैंक मैनेजर के उपस्थित न होने तथा फोन पर भी संपर्क न हो पाने के कारण लेन-देन की प्रक्रिया पूरी तरह ठप रही। अन्य कर्मचारियों के पास अनुमति देने का अधिकार न होने की वजह से काउंटर पर किसानों को भुगतान नहीं किया जा सका।
सप्ताह में एक दिन का मिलता है मौका, अब हफ्ते भर का इंतजार
किसानों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया:
समितियों के अनुसार किसानों को सप्ताह में केवल एक निर्धारित दिन ही राशि आहरण की सुविधा मिलती है।
पूरा एक सप्ताह इंतजार करने के बाद जब वे बैंक पहुंचे, तो मैनेजर के न होने से उन्हें बिना पैसे के लौटना पड़ा।
अब अगला लेन-देन अगले हफ्ते ही संभव हो सकेगा, जिससे खेती-किसानी का काम प्रभावित होगा।
खाद और जरूरी कृषि कार्यों पर संकट
वर्तमान में खेतों में खाद डालने और अन्य कृषि कार्यों के लिए किसानों को तत्काल नकदी की सख्त आवश्यकता है। ऐसे समय में बैंक प्रबंधन की लापरवाही के चलते किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। किसानों ने प्रशासन से व्यवस्था सुधारने और सुचारू भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।