
उदयपुर (सरगुजा): शासकीय राजकुमार धीरज सिंह महाविद्यालय उदयपुर में 15 अगस्त को 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनभागीदारी अध्यक्ष राधेश्याम सिंह ठाकुर उपस्थित रहे, वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना पांडे ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा संयुक्त रूप से ध्वजारोहण कर किया गया। इसके बाद उपस्थित सभी जनों ने राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का गायन किया। इस दौरान वीर क्रांतिकारियों और अमर शहीदों को नमन करते हुए उनके जयघोष के नारे लगाए गए।
एकता और अखंडता को बनाए रखना ही शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि: राधेश्याम सिंह ठाकुर
मुख्य अतिथि राधेश्याम सिंह ठाकुर ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता मानव जीवन का सबसे महानतम मूल्य है। हमें यह आजादी वीर शहीदों और क्रांतिकारियों के अप्रतिम बलिदान से मिली है। उन्होंने बल दिया कि ‘अनेकता में एकता’ भारत की मूल पहचान है, जिसे हमें अपने दैनिक जीवन में उतारना होगा, तभी हम देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रख पाएंगे।
मानसिक गुलामी और सामाजिक कुरीतियों से आजादी जरूरी: प्रो. वंदना पांडे
महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. वंदना पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि देश भले ही स्वतंत्र हो चुका है, लेकिन समाज आज भी मानसिक गुलामी, मोबाइल की लत, नशापान, अंधविश्वास और जाति-पांत जैसी कुरीतियों से जूझ रहा है। उन्होंने ज्ञान के प्रकाश से अज्ञानता के अंधकार को मिटाने और सामाजिक समरसता स्थापित करने का आह्वान किया।
12 एनएसएस स्वयंसेवकों को मिला ‘बी’ सर्टिफिकेट
समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने भी अपने ओजस्वी विचार रखे। इसके बाद महाविद्यालय सभागार में एनएसएस (NSS) के 12 स्वयंसेवकों को ‘बी’ सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन एवं संचालन में सावित्री सिंह, मुकेश कुमार रजक, जेवियर टोप्पो, सुमन आर तिर्की, उमेश ओहदार, प्रतिमा कुजूर, रविशंकर मनहर सहित महाविद्यालय परिवार के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।